मशरूम की खेती का व्यापार कैसे शुरू करें

मशरूम की खेती का व्यापार कैसे शुरू करें (Mushroom Farming Business Idea in Hindi)

मशरूम का नाम आते ही मुँह में मशरूम का स्वाद और दिमाग में मशरूम की खेती से होनी वाली कमाई का ध्यान आता है। आज के समय में मशरूम हर घर में बनाई जाने वाली सब्जी है। मशरूम सेहत के लिए भी बहुत लाभदायक होता है। शायद ही कोई होगा जिसने मशरूम का स्वाद न चखा हो।

दोस्तों आज हम आपको बताने जा रहे है बटन मशरूम की खेती और उससे होने वाली कमाई के बारे में। मशरूम की खेती करके आप लागत से तीन गुना ज्यादा कमा सकते हो। अगर आप agriculture business ideas ढूंढ रहे है तो आपकी तलाश खत्म हो गई। आइये मेरे साथ सीखे मशरूम की खेती करना।

मशरूम की खेती झोपडी, पक्का शेड, और किसी भी कमरे से शुरू की जा सकती है. मशरूम की खेती के लिए सबसे जरूरी है कम्पोस्ट। कम्पोस्ट आप खुद भी बना सकते है या कहीं से खरीद भी सकते है। सात से आठ रूपए के हिसाब से कम्पोस्ट बड़ी आसानी से मिल जाती है। मशरूम का बीज भी इसी कम्पोस्ट में अधिकतर जगहों से मिल जाता है। कम्पोस्ट का एक बैग लगभग दस किलो का होता है।

कम्पोस्ट (खाद) को तैयार करने की विधि

कम्पोस्ट को तैयार करने में चौदह से पंद्रह दिन का समय लगता है। सबसे पहले प्रेमिक्सिंग की जाती है। इसमें गेहू का भूसा, जिप्सम, यूरिआ और  मुर्गे की बीठ पानी के साथ मिलाई जाती है। अच्छी तरह मिक्स करने के एक दिन के लिए इसे खुले में रखा जाता है। इसके बाद इसे एक बंकर में रखा जाता है। बंकर में बलोर और पंखो का इस्तेमाल किया जाता है। दूसरे दिन एक बंकर से दूसरे बंकर में शिफ्ट किया जाता है ताकि सारी चीजे आपस में अच्छी तरह मिल जाये। इसके बाद बलोर की सहायता से कम्पोस्ट से बेक्टेरिया निकाल कर इसे शुद्ध किया जाता है। अब कम्पोस्ट के दस दस किलो के अलग अलग बैग बनाये जाते है। दोस्तों मशरूम की खेती के लिए हमारी कम्पोस्ट तैयार है।

स्पॉन (बीज़) से मशरूम बनने की विधि

स्पॉन : स्पॉन से अभिप्राय मशरूम के बीज से है। स्पॉन को कम्पोस्ट में रखा जाता है और दस से बारह दिनों तक कम्पोस्ट के बैग को टाइट करके बांध कर रखा जाता है। स्पॉन रन के बाद बैग के ऊपरी हिस्से में केसिंग की जाती है। केसिंग में नारियल का बुरादा और जिप्सम इस्तेमाल किया जाता है। केसिंग की परत दो से ढाई इंच की होती है और लगभग बीस दिनों तक बैग की आवश्कयतानुसार सिंचाई की जाती है। केसिंग में नमी  बनी रहे इसके लिए दूसरे या तीसरे दिन पानी दिया जाता है। बीस दिन के बाद मशरूम उगना शुरू हो जायेगा। कम्पोस्ट का एक बैग लगभग ढाई से तीन किलो मशरूम की पैदावार करता है।

मशरूम को कहाँ पर बेचे

आज के समय में सबसे मुश्किल काम है किसी चीज को बेचना। पर मशरूम को बेचने में कोई मुश्किल नहीं है। मार्किट में मशरूम की बहुत ज्यादा डिमांड है। आप मशरूम को किसी भी सब्जी मंडी में बेच सकते है। 200 ग्राम के मशरूम के पैकेट अधिकतर मार्किट में बेचे जाते है।

महत्पूर्ण जानकारी: कम्पोस्ट का बैग मशरूम की पैदावार के बाद आर्गेनिक खाद के रूप में बिक जाता है। लगभग पांच से छः रूपए किलो के हिसाब से यूज़ की हुई कम्पोस्ट आसानी से बिक जाती है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top
error: Content is protected !!